Skip to main content

नॉर्मल मेकअप कैसे किया जाता है ? What is normal make-up

जी हां  दोस्तों आज हम आपके लिए लेकर आए है नॉर्मल मेकअप कैसे किया जाता है  आपको  सारे ऐसे प्रोडक्ट है जो मार्केट में मिल जाएंगे हमें नार्मल मेकअप करने में बहुत प्रॉब्लम होती है तो हमें सबसे पहले अच्छे ब्रांड का सामान यूज़ करना चाहिए जिससे कि हमारे फेस पर बहुत ही अच्छा ग्लो आता है और काफी टाइम के लिए ग्लो बना रहता है दोस्तों अगर मेकअप की जानकारी नहीं है हमारे पास तो हमारा मेकअप खराब हो जाता है और अच्छा भी नहीं लगता अगर हमें मेकअप करने की पूरी जानकारी है तो हमारे चेहरे पर चार चांद लग जाता है

सामग्री

  1. फाउंडेशन        
  2. फेस पाउडर
  3. काजल
  4. कुमकुम
  5. बिंदी
  6. लिपस्टिक
  7. मेकअप ब्रश
  8. आइब्रो पेंसिल  
  9. कॉटन
  10. बर्फ
  11. कंसीलर
  12.  नेल पॉलिश 
  13. मसकारा
  14.  आईशैडो
  15. आई लाइनर।                                 
  16. विधि
सबसे पहले हम चेहरे को क्लींजिंग मिल्क से साफ करके मसाज क्रीम से हल्की सी मसाज करते हैं फिर 10 मिनट तक बर्फ रागनी चाहिए चेहरा अच्छी तरह साफ हो जाए तो फिर फेस पैक को गुलाब जल मैं फेट कर चेहरे पर लगाना चाहिए जब सूख जाए तो उसे  गीले टिशू से साफ कर दीजिए अब हम मेकप सुरु करते है

कंसील 
           कंसीलर को हम लोग इसलिए लगाते हैं कि हमारे चेहरे पर जितने भी दाग धब्बे हो सब को छुपाने के लिए प्रयोग करते हैं आंखों के काले घेरे को छुपाकर एक समान बेदाग चेहरा दिखाना कंसीलर का काम होता है और हमारा चेहरा एक समांतर हो जाता है

फाउंडेशन कैसे लगाएं
                                            फाउंडेशन हमेशा अच्छे वाले होने चाहिए जो हमारे फेस पर अच्छा ग्लो आये अगर हमरा फेस ऑयली है तो हमे ऑयली फाउंडेशन लेना चाहिए या ड्राई है तो हमे क्रीम मि फाउंडेशन लेना चाहिए
 फाउंडेशन को हमे ब्यूटी ब्लेंडर से लगाना चाहिए जिससे हमारा फेस कवर हो जाए 

फेस पाउडर
                                चेहरे की स्किन से मेल खाता हुआ फेस पाउडर लगाना चाहिए जिससे ब्रश की सहायता से चेहरे की पूरी जगह पर लगाना चाहिए इससे लगाने से फाउंडेशन एक बराबर हो जाता है

                                     आंखों का मेकअप

आई लाइनर 
                     इससे पलकों से सटाकर ब्रश की सहायता से एक कोने से लगाते हो दूसरे कोने तक ले जाते हैं आई लाइनर लगाते समय उंगलियों से संतुलित होना जरूरी है

आईशैडो
               आईशैडो को आंखों के ऊपरी भाग पर कपड़ों से मेल खाता हुआ एक कोने से दूसरे कोने  तक लगाते हैं जिससे हमाराा लुक और भी अच्छा दिखता है 

मसकारा
             यह आंखों की  पलकों पर लगाए जाता है ड्रेस की सहायता से  पलकों की बरौनी पर लगाया जाता है ऊपर की बैरोनि ऊपर मोड़ते हैं नीचे की बरौनी नीचे की ओर से इससे पलके फैली हुुयी और मोटीलगती हैै

काजल
            काजल का प्रयोग आंखों के अंदर लगाकर करते हैं जिससे आंखें और भी प्यारी लगती है

  बिंदी
           आंखों के मेकअप के बाद ब्रश की सहायता से कम से कम आधे इंच की दूरी पर कपड़े समय मैं खाती हूं बिंदी लगाते 

नेल पॉलिश
                 हाथ और पैर के नाखून को नेल रिमूवर से साफ करके कपड़े से मैच खाते हुए नेल पॉलिश डबल कोड में लगाते है

लिपिस्टिक
                होठो को टिशू पेपर से साफ कर के लिपलाइनर से होठो को आकार देते है फिर कपड़ो से मैच खाते हुए लिपिस्टिक ब्राश की सहायता से लगते है लिपलाइनर लिपिस्टिक की कलर का होना चाहिये इसके बाद हमे लिपग्लॉस का प्रयोग करना चाहिए इसे हमारा पूरा मेकप कंप्लीट होता है 

Comments

Popular posts from this blog

कहानी : बकरी की सहेलियां (दोस्ती की परख)

एक बार की बात है, एक बकरी थी। वो बहुत खुशी-खुशी अपने गांव में रहती थी। वो बहुत मिलनसार थी। बहुत सारी बकरियां उसकी सहेलियां थीं। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वो सभी से बात कर लेती थी और सभी को अपना दोस्त मान लेती थी। सभी कुछ अच्छा चल रहा था। लेकिन एक बार वो बकरी बीमार पड़ी और इस कारण वह धीरे-धीरे कमजोर होने लगी इसलिए अब वो पूरा-पूरा दिन घर पर ही बिताने लेगी। बकरी ने जो खाना पहले से अपने लिए जमा करके रखा था, अब वो भी खत्म होते जा रहा था। एक दिन उसकी कुछ बकरी सहेलियां उसका हाल-चाल पूछने उसके पास आईं, तब ये बकरी बड़ी खुश हुई। इसने सोचा कि अपनी सहेलियों से कुछ और दिनों के लिए वह खाना मंगवा लेगी। लेकिन वे बकरियां तो उससे मिलने के लिए अंदर आने से पहले ही उसके घर के बाहर रुक गईं और उसके आंगन में रखा उसका खाना घास-फूस खाने लगीं। ये देखकर अब इस बकरी को बहुत बुरा लगा और समझ में आ गया कि उसने अपने जीवन में क्या गलती की? अब वो सोचने लगी कि काश! हर किसी को अपने जीवन का हिस्सा व दोस्त बनाने से पहले उसने उन्हें थोड़ा परख लिया होता है, तो अब इस बीमारी में उसकी मदद के लिए कोई तो होता। ...

परमात्मा का आभार करो |

एक पुरानी सी इमारत में था वैद्यजी का मकान था। पिछले हिस्से में रहते थे और अगले हिस्से में दवाख़ाना खोल रखा था। उनकी पत्नी की आदत थी कि दवाख़ाना खोलने से पहले उस दिन के लिए आवश्यक सामान एक चिठ्ठी में लिख कर दे देती थी। वैद्यजी गद्दी पर बैठकर पहले भगवान का नाम लेते फिर वह चिठ्ठी खोलते। पत्नी ने जो बातें लिखी होतीं, उनके भाव देखते , फिर उनका हिसाब करते। फिर परमात्मा से प्रार्थना करते कि हे भगवान ! मैं केवल तेरे ही आदेश के अनुसार तेरी भक्ति छोड़कर यहाँ दुनियादारी के चक्कर में आ बैठा हूँ। वैद्यजी कभी अपने मुँह से किसी रोगी से फ़ीस नहीं माँगते थे। कोई देता था, कोई नहीं देता था किन्तु एक बात निश्चित थी कि ज्यों ही उस दिन के आवश्यक सामान ख़रीदने योग्य पैसे पूरे हो जाते थे, उसके बाद वह किसी से भी दवा के पैसे नहीं लेते थे चाहे रोगी कितना ही धनवान क्यों न हो। एक दिन वैद्यजी ने दवाख़ाना खोला। गद्दी पर बैठकर परमात्मा का स्मरण करके पैसे का हिसाब लगाने के लिए आवश्यक सामान वाली चिट्ठी खोली तो वह चिठ्ठी को एकटक देखते ही रह गए। एक बार तो उनका मन भटक गया। उन्हें अपनी आँखों के सामने तारे चमकते हुए नज़र आए ...

Best Hindi Quotes

 1 - “जीवन में खुशी का अर्थ लड़ाइयाँ लड़ना नहीं, बल्कि उन से बचना है ।         कुशलतापूर्वक पीछे हटना भी अपने आप में एक जीत है ।”       🌹 क्योकि 🌹        "अभिमान" की ताकत फ़रिश्तो को भी "शैतान" बना देती है, और         "नम्रता" साधारण व्यक्ति को भी  "फ़रिश्ता" बना देती है । 2 - "कदर" और "वक्त" भी कमाल के होते हैं ..! जिसकी "कदर" करो वो "वक्त" नहीं देता..!!         और जिसको "वक्त" दो वो "कदर" नहीं करता 3 -